कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड पर ओवैसी ने उठाए सवाल, जर्मनी की एक रिपोर्ट का हवाला देकर पीएम से मांगा जवाब
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड की प्रभावकारिता पर सवाल उठाया है। ओवैसी ने जर्मन सरकार की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि कोविशील्ड 18 से 64 साल के लोगों पर प्रभावी है और यह 64 से ऊपर के लोगों पर काम नहीं करती।
क्या कहा ओवैसी ने?
देश में सबको कोरोना से बचने के लिए वैक्सीन लेना जरूरी है, चाहे वो कोविशील्ड हो या कोवैक्सीन। प्रधानमंत्री ने वैक्सीन लेकर देश को बताया कि सबको वैक्सीन लेना है। मेरा मोदी सरकार से सवाल है कि जर्मनी की सरकार ने कहा है कि जो कोविशील्ड है जिसको ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका बनाती है और जिसका अधिकार उन्होंने भारत में सीरम को दिया है, ऐस्ट्राजेनेका का डाटा है वो कहता है कि वैक्सीन 18-64 वर्ष आयु के लिए अच्छी है। 64 से ऊपर आयु के लिए उतनी असरदार नहीं है। हम मोदी सरकार से पूछना चाहते हैं कि क्या ये बात सच है?
पीएम नेदी ने कोवैक्सीन की पहली खुराक ली
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन की पहली खुराक ली है।
- जबकि देशभर में सीरम इंस्टीट्यूट की बनी कोविशील्ड वैक्सीन लगाई जा रही है।
- एम्स में काम करने वाली पुडुचेरी की सिस्टर पी निवेदा ने पीएम मोदी को वैक्सीन की डोज दी है।
- कोवैक्सीन, स्वदेशी वैक्सीन है, जिसे भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए अनुमति मिली है।
वैक्सीन का डोज लेकर पीएम मोदी ने क्या संदेश दिया ?
- स्वदेशी वैक्सीन 'कोवैक्सीन' का डोज लेकर पीएम मोदी ने देशवासियों को विश्वसनीयता का संदेश दिया है।
- पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का नारा बुलंद किया है।
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