महाराष्ट्र: फडणवीस और राज ठाकरे के साथ कांग्रेस ने भी देशमुख का इस्तीफा मांगा, देशमुख बोले- परमबीर आरोप साबित करें, नहीं तो मानहानि का दावा करूंगा
डिजिटल डेस्क, मुंबई। एंटीलिया केस की सियासी आंच बढ़ती ही जा रही है। शनिवार शाम मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मनसे प्रमुख राज ठाकरे और कांग्रेस के राशिद अल्वी ने चिट्ठी सामने आने के बाद गृह मंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा मांगा है। वहीं महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि परमबीर सिंह आरोपों को साबित करें, नहीं तो मैं उन पर मानहानि का दावा करूंगा।
परमबीर के आरोप झूठे, साजिश के तहत लगाए: देशमुख
अब इस चिट्ठी के जवाब में गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सफाई देते हुए आरोपों से इनकार किया है। देशमुख का कहना है कि परमबीर सिंह कार्रवाई से बचने के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं। देशमुख ने कहा कि परमबीर सिंह ने जो आरोप मेरे ऊपर लगाए हैं वह झूठे हैं। ये आरोप मेरी और प्रदेश की महाविकास आघाड़ी सरकार की छवि खराब करने की बड़ी साजिश के तहत लगाए गए हैं।
इतने दिन चुप क्यों रहे परमबीर: देशमुख
देशमुख ने सफाई देते हुए सवाल भी किया कि आखिर परमबीर सिंह ने सचिन वाजे के गिरफ्तारी के बाद इतने दिनों तक चुप्पी क्यों साधे रखी? वह पहले क्यों कुछ नहीं बोले? परमबीर सिंह के आरोप कार में विस्फोटक मिलने और मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत के मामले की जांच को पटरी से उतारने की साजिश हैं। मुख्यमंत्री को उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। देशमुख ने कहा कि परमबीर सिंह मेरे ऊपर लगाए आरोप को साबित करें, अन्यथा मैं उनके खिलाफ मानहानि का दावा करूंगा।
महाराष्ट्र के CM उद्धव ठाकरे ने हाईलेवल मीटिंग बुलाई
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने देर रात अपने सरकारी बंगले पर हाईलेवल मीटिंग बुलाई। मीटिंग में महाविकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन के नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, दावा ये भी किया जा रहा है कि बैठक में मुख्य सचिव और अन्य आला अधिकारी भी शामिल हैं। उधर, मुंबई में गृहमंत्री अनिल देशमुख के सरकारी आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
परमबीर के ईमेल की होगी जांच: राज्य सरकार
इधर, गृह मंत्री देशमुख की इस्तीफे की मांग के बीच महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पहला आधिकारिक बयान आया है। इसमें कहा गया है कि परमबीर सिंह द्वारा भेजा गया पत्र आज दोपहर 4.37 बजे email से paramirs3@gmail.com प्राप्त हुआ है। यह ईमेल परमबीर सिंह का है या नहीं है इसकी जांच की जा रही है। परमबीर सिंह का आधिकारिक ईमेल ऐड्रेस parimbirs@hotmail.com है। इसलिये इस मामले की जांच जरूरी है।
फडणवीस ने देशमुख से मांगा इस्तीफा
परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'चिट्ठी में जो आरोप लगाए हैं, वे अत्यंत गंभीर हैं। फडणवीस ने कहा, 'अगर देशमुख इस्तीफा नहीं देते हैं, तो मुख्यमंत्री को उन्हें हटाना चाहिए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले में तभी कोई जांच सफल हो पाएगी, जब गृह मंत्री अपने पद से अलग होंगे। सबसे खेद वाली बात यह है कि परमवीर सिंह ने अपने पत्र में यह लिखा है कि उन्होंने यह सारी बातें उद्धव ठाकरे को बताई थीं। इसके बावजूद भी गृहमंत्री पर क्यों नहीं कार्रवाई हुई, इस पर भी सवाल उठता है।
सरकार में शामिल कांग्रेस ने भी देशमुख से इस्तीफा मांगा
मनसे नेता राज ठाकरे ने इसे महाराष्ट्र के नाम पर धब्बा बताया। उन्होंने कहा कि इससे महाराष्ट्र का नाम खराब हो रहा है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए। विपक्ष के साथ सरकार में शामिल कांग्रेस ने भी अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने गृहमंत्री अनिल देशमुख से इस्तीफे की मांग की है। अल्वी ने कहा कि देशमुख पर लगे आरोप गंभीर हैं, उन्हें गृहमंत्री के पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
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